भोपाल में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के पांचवें सत्र में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने यात्री सुरक्षा, सुलभ सेवाओं, स्मार्ट फ्लीट प्रबंधन और तकनीक आधारित निगरानी को बेहतर बस सेवा की प्रमुख जरूरत बताया।

यात्री मांग के अनुसार बने परिवहन योजना

सीईपीटी विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन ट्रांसपोर्ट और सीआरडीएफ से जुड़े प्रो. एचएम शिवानंद स्वामी ने डेटा आधारित योजना को जरूरी बताया। उनके अनुसार, परिवहन योजना में डेटा और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से सेवाओं को यात्रियों की मांग के अनुरूप बनाया जा सकता है।

ओडिशा परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एनबीएस राजपूत ने यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने बसों में CCTV कैमरे, पैनिक बटन, ड्राइवर मॉनिटरिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रियल-टाइम निगरानी के उपयोग की बात कही।

चर्चा में इन प्रणालियों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने का सुझाव भी सामने आया, ताकि आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके। सुरक्षित बस टर्मिनल, अलग प्रवर्तन दल और ड्राइवरों के नियमित प्रशिक्षण की जरूरत भी बताई गई।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं

केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान के एसएन ढोले ने आधुनिक और आरामदायक बसों के साथ दिव्यांग व्यक्तियों तथा वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल सुविधाओं पर जोर दिया। उन्होंने स्मार्ट टिकटिंग और ऐसी यात्री सूचना प्रणाली की जरूरत बताई, जिससे बसों के आगमन, प्रस्थान और मार्ग की जानकारी वास्तविक समय में मिल सके।

सत्र में डिजिटल फीडबैक और पारदर्शी शिकायत निवारण को सेवा की गुणवत्ता सुधारने का उपयोगी माध्यम बताया गया। इससे यात्रियों की समस्याओं और अनुभवों के आधार पर परिवहन सेवाओं में सुधार किया जा सकता है।

समय पर जांच से कम हो सकती हैं बसों की खराबियां

बीओसीआई अध्यक्ष प्रसन्न पटवर्धन ने खराबियों और संचालन में रुकावट घटाने के लिए निवारक रखरखाव तथा स्मार्ट फ्लीट प्रबंधन पर जोर दिया। नियमित तकनीकी जांच, समयबद्ध संचालन और वाहनों की रियल-टाइम निगरानी से बसों के निष्क्रिय रहने का समय घटाने और सेवा की विश्वसनीयता बढ़ाने की बात कही गई।