जिले के युवाओं को पुलिस एवं सशस्त्र सेना सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना का नवाचार ‘सिवनी की उड़ान’ युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रहा है। प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण की कक्षाएं भी प्रारंभ हो गई हैं और अब युवकों को भी निःशुल्क कोचिंग का लाभ मिल रहा है। कलेक्टर ने आगामी भर्ती परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को और अधिक परीक्षा-केंद्रित एवं परिणामोन्मुखी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

‘सिवनी की उड़ान’ के लिए प्रथम चरण में 233 युवतियों की निःशुल्क कोचिंग 1 सितम्बर से प्रारंभ की गई थी। वहीं द्वितीय चरण में 220 युवक एवं 102 युवतियों सहित कुल 322 अभ्यर्थियों की कक्षाएं शुरू की गई हैं। इस प्रकार दोनों चरणों को मिलाकर 335 युवतियां एवं 220 युवक, कुल 555 अभ्यर्थी वर्तमान में निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

तीन केंद्रों में पांच बैचों का संचालन

वर्तमान में जिले के कुल तीन प्रशिक्षण केंद्रों में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें युवकों के दो तथा युवतियों के तीन बैच संचालित हैं। अभ्यर्थियों को पुलिस एवं सशस्त्र सेना भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए विषयवार तैयारी कराने के साथ प्रश्नों के अभ्यास और परीक्षा संबंधी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

परीक्षा फोकस रहे तैयारी- कलेक्टर

आगामी माह में पुलिस भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही अन्य विभागों में भी भर्ती के आवेदन आने की संभावना को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने प्रशिक्षण को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वास्तविक परीक्षा पैटर्न के अनुरूप एग्जाम फोकस तैयारी कराने, नियमित मॉक टेस्ट एवं एमसीक्यू प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान देने तथा अभ्यर्थियों की प्रश्न हल करने की गति और समय-प्रबंधन क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने अभ्यर्थियों की तैयारी का नियमित आकलन करने तथा मॉक टेस्ट के परिणामों के आधार पर उनकी कमजोरियों को चिन्हित कर अतिरिक्त अभ्यास कराने पर भी जोर दिया है, ताकि प्रशिक्षण का सीधा लाभ वास्तविक भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में दिखाई दे।

‘सिवनी की उड़ान’ के माध्यम से जिले के युवाओं को प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। युवकों को भी द्वितीय चरण में जोड़ने और प्रशिक्षण को आगामी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करने से कलेक्टर का यह नवाचार अब जिले के युवाओं को रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने वाली प्रभावी पहल के रूप में आकार ले रहा है।-