कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशानुसार पंचायतों में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर लगाये जा रहे है। इसके साथ ही शिविर में आधार अपडेशन, नवीन आधार, समग्र आईडी आदि के कार्य भी किये जायेंगे। सीईओ जिला पंचायत श्री कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि पंचायतों में शिविरों का आयोजन अगले सप्ताह से किया जायेगा। इसके लिए दो-दो पंचायतों को शामिल कर शिविर आयोजन की तिथियां निर्धारित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, ग्रामीणजन यह दस्तावेज तैयार कर के रखे तथा पंचायत सचिव अथवा जीआरएस के माध्यम से समग्र आईडी की आधार से ई-केवायसी भी करा लें।
पिछडे वर्ग के जाति प्रमाण पत्र हेतु हितग्राही का फोटोग्राफ, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, वोटर कार्ड की फोटोकॉपी 18 वर्ष के लिये, परिवार आईडी की फोटोकॉपी, अंकसूची की फोटोकॉपी, परिवार मे पहले से बने जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, जमीन की किताब/खसरा खतोनी नकल, आय प्रमाण पत्र, पारिवारिक सजरा, पंचनामा (सचिव/पार्षद), शहर काजी का प्रमाणीकरण (मुस्लिम वर्ग के लिये) आवश्यक होगा।
अनु. जाति एवं अनु. जन. जाति वर्ग के लिए हितग्राही का फोटोग्राफ, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, वोटर कार्ड की फोटोकॉपी, परिवार आई डी की फोटोकॉपी, अंकसूची की फोटोकॉपी, परिवार मे पहले से बने जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, जमीन की किताब/खसरा खतोनी नकल, पारिवारिक सजरा, पंचनामा (सचिव/पार्षद) आवश्यक होगा।
किसी भी रक्त संबंधी का पूर्व में बना जाति प्रमाण पत्र न होने की स्थिति में ओबीसी हेतु वर्ष 1984 या उससे पूर्व मध्यप्रदेश में परिवार के निवास का प्रमाण पत्र तथा एससी और एसटी हेतु 1950 या उससे पूर्व मध्यप्रदेश में परिवार के निवास का प्रमाण आवश्यक होगा, जिसमें पुराने राजस्व अभिलेख, रजिस्ट्री, शैक्षणिक रिकार्ड, मतदाता सूची आदि शामिल है। इसके अतिरिक्त विकल्प के रूप में पटवारी का सत्यापन भी लगाया जा सकता है।


