इंदौर पैशन, प्रोफेशन और पोटेंशियल की त्रिवेणी है—मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह वाक्य बुधवार को इन्फोसिस के नए ब्लॉक के लोकार्पण पर आया। उन्होंने शहर को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के साथ मध्यभारत की टेक केपिटल बनता बताया। संबोधन मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल था। यानी कैमरा और स्क्रीन के बीच का उद्घाटन, गेट पर रिबन का नहीं।
विज्ञप्ति के आँकड़े कंपनी के हैं। इंदौर में 3,300 से अधिक कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं। विस्तारित परिसर में 5,000 से अधिक सीटें हैं। हाइब्रिड कार्यप्रणाली के तहत करीब 7,000 कर्मचारियों की क्षमता पूरी होने का दावा है। क्षमता और वर्तमान उपस्थिति एक नहीं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और एप्लीकेशन डेवलपमेंट का काम लिखा गया। कितनी नई नियुक्तियाँ इसी ब्लॉक से निकलीं, संख्या नहीं दी गई।
टेक केपिटल कहने से क्या बनता है?
मुख्यमंत्री ने इंदौर को टेस्ट से टेक्नोलॉजी का ब्रांड एम्बेसडर कहा। आईआईटी, आईआईएम, आईटी पार्क का उल्लेख किया। उज्जैन को साइंस सिटी, भोपाल को नॉलेज एंड एआई सिटी बनाने की पंक्तियाँ भाषण में हैं। सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 और धार के पीएम मित्र पार्क—दो हजार एकड़—को संदर्भ के रूप में जोड़ा गया। ये घोषित दिशाएँ हैं। इन्फोसिस ब्लॉक का लोकार्पण उनमें से एक घटना है, पूरे मिशन का प्रमाण पत्र नहीं।
तस्वीर किस कमरे की है?
फ्रेम में लंबा खाली सम्मेलन मेज, काँच की दीवारें, बड़ी स्क्रीन पर वक्ता। मुख्यमंत्री मेज के एक सिरे पर बैठे दिखते हैं। यह सॉफ्टवेयर फ्लोर की कुर्सियाँ नहीं गिनवाता। वर्चुअल लोकार्पण की यही सीमा है: हम स्क्रीन देख सकते हैं, कोड या भर्ती नहीं।
मुख्य बातें
- लोकार्पण 16 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल था, परिसर के दौरे का दावा नहीं।
- इंदौर में इन्फोसिस के 3,300 से अधिक कर्मचारी; विस्तारित कैंपस में 5,000 से अधिक सीटें, हाइब्रिड में करीब 7,000 की क्षमता का उल्लेख।
- एआई, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और एप्लीकेशन डेवलपमेंट का काम केंद्र में बताया गया; नई भर्ती की संख्या विज्ञप्ति में नहीं है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · इंदौर बन रहा है मध्यभारत की टेक केपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ↗16 सितंबर 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



